मौर्य साम्राज्य100 बहुविकल्पीय प्रश्न व्याख्या के साथ| Maurya samrajya 100 MCQ with Solution

 

Maurya samrajya 100 MCQ with Solution



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Q1. चंद्रगुप्त मौर्य ने किस महान विद्वान के मार्गदर्शन में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी?
A) वात्स्यायन
B) पतंजलि
C) चाणक्य
D) मनु
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने महान रणनीतिकार और अर्थशास्त्री चाणक्य (कौटिल्य या विष्णुगुप्त) के सहयोग से मौर्य साम्राज्य की स्थापना की। चाणक्य ने नंद वंश के अत्याचारी शासन को समाप्त करने के लिए चंद्रगुप्त को प्रशिक्षित किया और उसे सत्ता में लाने के लिए कूटनीतिक योजनाएं बनाईं। उनकी रचना 'अर्थशास्त्र' में राज्य संचालन, कर प्रणाली, गुप्तचर व्यवस्था और युद्धनीति का विस्तृत वर्णन है। यह भारत के प्रथम संगठित साम्राज्य की नींव थी।
Q2. सम्राट अशोक ने किस युद्ध के बाद बौद्ध धर्म को अपनाया था?
A) कलिंग युद्ध
B) मगध युद्ध
C) अवंती युद्ध
D) विदर्भ युद्ध
व्याख्या: 261 ईसा पूर्व में लड़ा गया कलिंग युद्ध अशोक के जीवन का निर्णायक मोड़ था। युद्ध में लगभग 1 लाख लोग मारे गए और 1.5 लाख लोग बंदी बनाए गए। इस भीषण रक्तपात ने अशोक के हृदय को झकझोर दिया, जिससे उसने हिंसा त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाया। इसके पश्चात अशोक ने धम्म नीति के अंतर्गत करुणा, सत्य, अहिंसा, नैतिकता और जनकल्याण के सिद्धांतों को अपनाया।
Q3. मौर्य साम्राज्य की राजधानी कौन-सी थी?
A) तक्षशिला
B) पाटलिपुत्र
C) उज्जैन
D) कौशांबी
व्याख्या: पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) मौर्य साम्राज्य की राजधानी थी। यह गंगा नदी के तट पर स्थित एक सशक्त और सुव्यवस्थित नगर था। मेगस्थनीज, जो सेल्यूकस का राजदूत था, उसने अपनी पुस्तक 'इंडिका' में पाटलिपुत्र को भव्य नगर बताया है। यहाँ से शासन व्यवस्था, सैन्य संचालन, धर्म प्रचार और विदेशी नीति का संचालन किया जाता था।
Q4. चंद्रगुप्त मौर्य ने किस ग्रीक शासक के सेनापति को हराया और भारत के पश्चिमोत्तर भाग पर अधिकार किया?
A) एलेक्ज़ेंडर
B) पोरस
C) सेल्यूकस निकेटर
D) एंटिओकस
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने 305 ईसा पूर्व में सिकंदर के उत्तराधिकारी सेल्यूकस निकेटर को हराया। इसके परिणामस्वरूप एक संधि हुई जिसमें सेल्यूकस ने भारत के पश्चिमोत्तर क्षेत्र को चंद्रगुप्त को सौंप दिया। बदले में चंद्रगुप्त ने 500 हाथियों का उपहार दिया। यह घटना दर्शाती है कि चंद्रगुप्त की सेना कितनी सशक्त थी और वह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी सक्षम था।
Q5. मौर्य काल का प्रसिद्ध ग्रंथ 'अर्थशास्त्र' किसने रचा था?
A) अश्वघोष
B) नागार्जुन
C) वत्स्यायन
D) कौटिल्य
व्याख्या: 'अर्थशास्त्र' कौटिल्य (चाणक्य) द्वारा रचित एक उत्कृष्ट ग्रंथ है जिसमें शासन, कर, सैन्य, न्याय व्यवस्था, गुप्तचर विभाग, कृषि, व्यापार आदि विषयों का विस्तृत वर्णन है। यह प्राचीन भारत का पहला 'राजनीतिक विज्ञान' माना जाता है। यह ग्रंथ न केवल मौर्य प्रशासन की समझ देता है, बल्कि आधुनिक प्रशासन में भी प्रासंगिक है।
Q6. सम्राट अशोक ने अपने बच्चों को किस उद्देश्य से विदेश भेजा?
A) बौद्ध धर्म के प्रचार हेतु
B) शिक्षा ग्रहण करने हेतु
C) व्यापार विस्तार हेतु
D) राजनीतिक गठजोड़ हेतु
व्याख्या: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार हेतु अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। वहां उन्होंने राजा तिस्स को बौद्ध धर्म में दीक्षित किया। यह विश्व इतिहास में पहली बार हुआ जब किसी शासक ने धर्म के प्रचार के लिए अपने परिवार को विदेश भेजा। यह अशोक की धम्म नीति और बौद्ध धर्म के वैश्विक विस्तार का प्रतीक है।
Q7. अशोक के शिलालेखों में प्रयुक्त प्रमुख भाषा कौन-सी थी?
A) प्राकृत
B) संस्कृत
C) पाली
D) ब्राह्मी
व्याख्या: अशोक के अभिलेखों की भाषा सामान्यतः प्राकृत थी, जिसे ब्राह्मी लिपि में लिखा गया। कुछ शिलालेख खरोष्ठी और ग्रीक-आरामाइक लिपियों में भी हैं। प्राकृत भाषा उस समय की आम जनता की भाषा थी, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि राजा की नीति और धम्म संदेश जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
Q8. बिंदुसार को ग्रीक लेखों में किस नाम से जाना गया है?
A) सांड्रोकोट्टस
B) अमित्रोचेट्स
C) मिनांडर
D) यवनराज
व्याख्या: यूनानी स्रोतों में बिंदुसार को 'Amitrochates' कहा गया है, जो संस्कृत के 'अमित्रघात' शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है "शत्रुओं का विनाश करने वाला"। बिंदुसार चंद्रगुप्त मौर्य का पुत्र और अशोक का पिता था। उसके शासनकाल में मौर्य साम्राज्य ने दक्षिण भारत की ओर विस्तार किया।
Q9. मौर्य साम्राज्य के पतन का मुख्य कारण क्या था?
A) बौद्ध धर्म का प्रसार
B) कमजोर उत्तराधिकारी
C) विदेशी आक्रमण
D) प्राकृतिक आपदाएँ
व्याख्या: अशोक की मृत्यु के बाद मौर्य वंश के शासकों में राजनीतिक योग्यता और प्रशासनिक क्षमता की कमी थी। ये शासक शासन व्यवस्था को बनाए रखने में विफल रहे। 185 ईसा पूर्व में सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या कर शुंग वंश की स्थापना की, जिससे मौर्य वंश का अंत हुआ।
Q10. अशोक का पहला शिलालेख किस स्थान पर मिला था?
A) सांची
B) कालसी
C) अमरावती
D) नालंदा
व्याख्या: अशोक का पहला शिलालेख उत्तराखंड के कालसी में पाया गया था। ये शिलालेख अशोक की 'धम्म नीति' को प्रचारित करते हैं। इसमें नैतिक जीवन, धार्मिक सहिष्णुता, माता-पिता की सेवा, प्रजा के कल्याण आदि की बातें वर्णित हैं। कालसी शिलालेख ब्राह्मी लिपि में प्राकृत भाषा में है।
Q11. मेगस्थनीज ने किस मौर्य शासक के दरबार में राजदूत के रूप में सेवा दी थी?
A) चंद्रगुप्त मौर्य
B) बिंदुसार
C) अशोक
D) दशरथ
व्याख्या: मेगस्थनीज एक यूनानी राजदूत था जिसे सेल्यूकस निकेटर ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था। उसने अपने अनुभवों को 'इंडिका' नामक पुस्तक में संकलित किया, जिसमें मौर्य प्रशासन, समाज, कृषि, और नगर योजना का विस्तृत वर्णन मिलता है। यह ग्रंथ मौर्यकालीन भारत के इतिहास के लिए महत्वपूर्ण स्रोत है।
Q12. मौर्यकाल में व्यापार और वाणिज्य की देखरेख के लिए कौन-सी संस्था उत्तरदायी थी?
A) राजसभा
B) पौतवाध्यक्ष
C) ग्राम सभा
D) महाजन
व्याख्या: कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार, पौतवाध्यक्ष वह अधिकारी था जो व्यापार, बाजारों, माप-तौल, मूल्य निर्धारण, और विदेशी व्यापारियों की गतिविधियों की निगरानी करता था। यह दर्शाता है कि मौर्य प्रशासन व्यापारिक व्यवस्था को अत्यधिक नियंत्रित और संगठित रूप से संचालित करता था।
Q13. अशोक के धर्म प्रचार के लिए बनाए गए विशेष अधिकारियों को क्या कहा जाता था?
A) ग्रामपाल
B) महापात्र
C) धर्ममहामात्र
D) न्यायमूर्ति
व्याख्या: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार और नैतिक मूल्यों के पालन हेतु 'धर्ममहामात्र' नामक अधिकारियों की नियुक्ति की। ये अधिकारी जनता के नैतिक और सामाजिक कल्याण, धार्मिक सहिष्णुता, पशु रक्षा, और महिला सशक्तिकरण जैसे कार्यों की देखरेख करते थे।
Q14. मौर्यकाल में भूमि राजस्व वसूली का प्रमुख अधिकारी कौन था?
A) सेनापति
B) समितिक
C) ग्रामाध्यक्ष
D) रक्षक
व्याख्या: मौर्यकाल में 'समितिक' अधिकारी भूमि राजस्व की गणना और वसूली का कार्य करता था। भूमि राजस्व उस समय राज्य की प्रमुख आय का स्रोत था। किसानों की उपज, भूमि की गुणवत्ता और सिंचाई की स्थिति के अनुसार कर निर्धारित किया जाता था।
Q15. अशोक ने कौन-सी सभा में बौद्ध धर्म को राज्यधर्म के रूप में मान्यता दी?
A) प्रथम बौद्ध संगीति
B) तृतीय बौद्ध संगीति
C) द्वितीय बौद्ध संगीति
D) वैशाली परिषद
व्याख्या: सम्राट अशोक ने 250 ई.पू. में पाटलिपुत्र में तृतीय बौद्ध संगीति का आयोजन करवाया, जिसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स ने की। इसमें बौद्ध धर्म को शुद्ध किया गया और इसे राज्यधर्म के रूप में मान्यता दी गई। यही सभा बौद्ध धर्म के वैश्विक प्रचार का प्रारंभिक बिंदु बनी।
Q16. मौर्यकाल में राज्य के सुरक्षा विभाग का नियंत्रण किसके अधीन था?
A) अंतर्वासी
B) सेनापति
C) धर्माध्यक्ष
D) ग्रामपाल
व्याख्या: मौर्यकाल में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत संगठित थी। 'अंतर्वासी' नामक अधिकारी राज्य के आंतरिक सुरक्षा कार्यों की निगरानी करता था, जैसे गुप्तचरों का संचालन, अपराधियों पर नियंत्रण, और नगरों की शांति व्यवस्था। 'अर्थशास्त्र' में इस विभाग की संरचना का विस्तृत विवरण मिलता है।
Q17. मौर्यकाल में 'तक्षशिला' क्यों प्रसिद्ध था?
A) धार्मिक स्थल
B) शिक्षा केंद्र
C) खनन क्षेत्र
D) सैन्य छावनी
व्याख्या: तक्षशिला मौर्यकाल का एक प्रसिद्ध शिक्षा केंद्र था, जहाँ चिकित्सा, खगोलशास्त्र, गणित, राजनीति आदि विषयों की शिक्षा दी जाती थी। यह विश्व की प्राचीनतम विश्वविद्यालयों में से एक माना जाता है। चाणक्य और चरक जैसे विद्वानों का इससे संबंध रहा है।
Q18. चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम समय में कौन-सा धर्म अपनाया?
A) बौद्ध धर्म
B) वैदिक धर्म
C) जैन धर्म
D) अजीवक संप्रदाय
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने शासनकाल के अंत में जैन धर्म अपना लिया था। वह श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) चला गया और वहाँ जैन मुनि भद्रबाहु के साथ संन्यास जीवन बिताया। कहा जाता है कि उसने 'सल्लेखना व्रत' द्वारा प्राण त्यागे। यह दर्शाता है कि मौर्य शासक धर्म के प्रति अत्यंत संवेदनशील थे।
Q19. मौर्यकाल में 'दण्ड नीति' का क्या आशय था?
A) कर संग्रह की नीति
B) अपराध नियंत्रण की नीति
C) युद्ध नीति
D) धार्मिक नीति
व्याख्या: कौटिल्य के अनुसार 'दण्ड नीति' राज्य द्वारा अपराध, भ्रष्टाचार, विद्रोह, और अन्य अनुशासनहीन कार्यों को दंडित करने की नीति थी। यह न्याय और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का प्रमुख साधन था। यह नीति मौर्य प्रशासन की कठोरता और न्यायप्रियता दोनों को दर्शाती है।
Q20. मौर्य वंश के अंतिम शासक कौन थे?
A) बृहद्रथ
B) दशरथ
C) शालिशूक
D) बिंदुसार
व्याख्या: बृहद्रथ मौर्य वंश का अंतिम शासक था। 185 ई.पू. में उसके ही सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने धोखे से उसकी हत्या कर दी और शुंग वंश की स्थापना की। यह घटना भारतीय इतिहास में सत्ता परिवर्तन की एक प्रमुख मिसाल है, जहाँ एक सेनापति द्वारा शासक की हत्या कर शासन हथियाया गया।
Q21. चंद्रगुप्त मौर्य के प्रमुख सलाहकार कौन थे, जिन्होंने 'अर्थशास्त्र' की रचना की?
A) भास्कराचार्य
B) चाणक्य
C) वात्स्यायन
D) पतंजलि
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य के राजनीतिक और आर्थिक सलाहकार चाणक्य (कौटिल्य) थे। उन्होंने 'अर्थशास्त्र' नामक ग्रंथ की रचना की, जो उस समय की शासन व्यवस्था, कर नीति, अर्थव्यवस्था, युद्धनीति आदि का विवरण देता है। चाणक्य की रणनीति और बुद्धिमत्ता ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Q22. अशोक के किस शिलालेख में कलिंग युद्ध का वर्णन मिलता है?
A) रुम्मिनदेई स्तंभ लेख
B) सांची शिलालेख
C) तेरहवाँ शिलालेख
D) दसमाँ शिलालेख
व्याख्या: अशोक के तेरहवें प्रमुख शिलालेख में कलिंग युद्ध और उसके परिणामों का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस युद्ध के पश्चात अशोक ने हिंसा त्यागकर बौद्ध धर्म को अपनाया और 'धम्म नीति' का प्रचार किया। यह शिलालेख उसकी आत्मग्लानि को भी प्रकट करता है।
Q23. चंद्रगुप्त मौर्य ने किस यूनानी शासक को पराजित किया था?
A) सिकंदर
B) सेल्यूकस
C) टॉलेमी
D) अलेक्ज़ेंडर
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस निकेटर को पराजित किया और 305 ई.पू. में संधि के माध्यम से उससे अफगानिस्तान और बलूचिस्तान के क्षेत्र प्राप्त किए। इस संधि के तहत सेल्यूकस ने अपनी पुत्री का विवाह चंद्रगुप्त से किया और मेगस्थनीज को भारत में राजदूत बनाकर भेजा।
Q24. अशोक के अभिलेखों में ‘धम्म’ शब्द का क्या तात्पर्य है?
A) ब्राह्मण धर्म
B) युद्ध नीति
C) मूर्ति पूजा
D) नैतिक जीवन शैली
व्याख्या: अशोक के ‘धम्म’ का अर्थ किसी विशेष धर्म से नहीं, बल्कि मानव मात्र के लिए नैतिक आचरण, सहिष्णुता, करुणा, अहिंसा और सेवा की भावना से था। यह धर्म का सामाजिक और नैतिक पक्ष था, जिसे अशोक ने सार्वभौमिक रूप में प्रचारित किया।
Q25. मौर्य प्रशासन में ग्राम का प्रमुख अधिकारी क्या कहलाता था?
A) ग्रामिक
B) नगरिक
C) लेखपाल
D) पौर
व्याख्या: मौर्य प्रशासनिक व्यवस्था में 'ग्रामिक' ग्राम का प्रमुख अधिकारी होता था। वह गाँव के प्रशासन, कर संग्रह, न्याय व्यवस्था आदि का उत्तरदायित्व निभाता था। मौर्य साम्राज्य की सुगठित प्रशासनिक संरचना का यह एक अहम हिस्सा था।
Q26. मौर्य साम्राज्य की राजधानी कौन सी थी?
A) वैशाली
B) पाटलिपुत्र
C) राजगृह
D) अयोध्या
व्याख्या: मौर्य साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) थी। यह गंगा और सोन नदी के संगम पर स्थित एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और व्यापारिक केंद्र था। मेगस्थनीज के अनुसार, पाटलिपुत्र एक मजबूत दीवारों वाला नगर था, जिसकी शासन व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित थी।
Q27. किस ग्रीक राजदूत ने मौर्य काल में चंद्रगुप्त के दरबार में सेवा दी?
A) प्लिनी
B) टॉलेमी
C) मेगस्थनीज
D) स्ट्रैबो
व्याख्या: मेगस्थनीज ग्रीस का एक राजदूत था, जिसे सेल्यूकस ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था। उसने 'इंडिका' नामक ग्रंथ लिखा जिसमें मौर्य कालीन भारत की शासन प्रणाली, समाज और संस्कृति का विस्तृत वर्णन है।
Q28. मौर्यकाल में कर संग्रह की देखरेख कौन करता था?
A) याजक
B) सेनापति
C) संनिधाता
D) दण्डाध्यक्ष
व्याख्या: 'संनिधाता' मौर्य शासन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण राजकीय अधिकारी था जो कर संग्रह, कोषागार का संचालन और लेखा-जोखा देखता था। वह राज्य की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखने में सहायक था।
Q29. अशोक ने किस बौद्ध संगीति की अध्यक्षता की?
A) तृतीय बौद्ध संगीति
B) द्वितीय संगीति
C) प्रथम संगीति
D) चतुर्थ संगीति
व्याख्या: अशोक ने 250 ई.पू. में पाटलिपुत्र में तृतीय बौद्ध संगीति का आयोजन करवाया। इसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स ने की। इस संगीति का उद्देश्य बौद्ध धर्म में फैलते मतभेदों को समाप्त करना और 'थेरवाद' का प्रचार करना था।
Q30. मौर्यकालीन प्रशासन में 'दण्डाध्यक्ष' का कार्य क्या था?
A) नगर सुरक्षा
B) कृषि निरीक्षण
C) न्याय व्यवस्था और दंड का संचालन
D) कर निर्धारण
व्याख्या: दण्डाध्यक्ष मौर्यकाल में न्याय एवं दंड से संबंधित अधिकारी था। वह अपराधों की जाँच करता, सजा तय करता और न्यायालयीन व्यवस्था को लागू करता था। उसकी भूमिका आज के न्यायाधीश जैसी थी।
Q31. चंद्रगुप्त मौर्य की मृत्यु कहाँ हुई थी?
A) तक्षशिला
B) पाटलिपुत्र
C) श्रवणबेलगोला
D) उज्जैन
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने जीवन के अंतिम चरण में जैन धर्म स्वीकार कर लिया था और श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) में भिक्षु बन गए थे। वहीं पर उन्होंने समाधि लेकर जीवन का त्याग किया।
Q32. चंद्रगुप्त मौर्य किस यूनानी शासक से युद्ध के बाद संधि में सफल हुए थे?
A) सिकंदर
B) टॉलेमी
C) एंटियोकस
D) सेल्यूकस निकेटर
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने 305 ई.पू. में सेल्यूकस निकेटर से युद्ध किया था और उसे पराजित कर उत्तर-पश्चिमी भारत का नियंत्रण प्राप्त किया। इसके बाद दोनों के बीच संधि हुई और सेल्यूकस ने अपनी पुत्री का विवाह चंद्रगुप्त से कर दिया तथा राजदूत मेगस्थनीज को पाटलिपुत्र भेजा।
Q33. अशोक ने किस युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपनाया?
A) मगध युद्ध
B) कलिंग युद्ध
C) पाटलिपुत्र युद्ध
D) तक्षशिला विद्रोह
व्याख्या: अशोक ने 261 ई.पू. में कलिंग युद्ध लड़ा था जिसमें भयंकर रक्तपात हुआ। इस युद्ध से आहत होकर उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया और अहिंसा के मार्ग पर चल पड़े। कलिंग युद्ध उनके जीवन का निर्णायक मोड़ था।
Q34. मौर्य काल में किस स्थान से अशोक के शिलालेख नहीं मिले हैं?
A) मेहरौली
B) कंधार
C) पाटलिपुत्र
D) सांची
व्याख्या: पाटलिपुत्र, जो मौर्य साम्राज्य की राजधानी थी, से कोई भी अशोक का शिलालेख प्राप्त नहीं हुआ है। जबकि अन्य स्थानों जैसे सांची, कंधार और मेहरौली से शिलालेख प्राप्त हुए हैं।
Q35. अशोक ने बौद्ध धर्म का प्रचार किस माध्यम से किया?
A) केवल मौखिक उपदेश
B) सैनिक अभियान
C) शिलालेख और स्तंभ
D) बौद्ध ग्रंथों द्वारा
व्याख्या: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार हेतु शिलालेखों, स्तंभों एवं शिलाशिल्पों का सहारा लिया। इन पर धर्मोपदेश, नीति, और सामाजिक संदेश खुदवाए गए थे, जिन्हें प्राकृत भाषा में ब्राह्मी लिपि में अंकित किया गया।
Q36. मौर्य साम्राज्य में सबसे प्रभावशाली राजा कौन माना जाता है?
A) सम्राट अशोक
B) बिन्दुसार
C) दशरथ
D) चंद्रगुप्त
व्याख्या: सम्राट अशोक मौर्य वंश के सबसे प्रभावशाली और प्रसिद्ध सम्राट माने जाते हैं। उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया, हिंसा त्यागी, और अपने शासन को नीति, अहिंसा और धर्म पर आधारित बनाया। उनका साम्राज्य भारत के अधिकांश भागों तक फैला था।
Q37. मौर्य साम्राज्य का अंत किसके शासनकाल में हुआ?
A) अशोक
B) बृहद्रथ
C) बृहद्रथ मौर्य
D) दशरथ मौर्य
व्याख्या: मौर्य साम्राज्य का अंतिम सम्राट बृहद्रथ मौर्य था जिसे उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने मार कर शुंग वंश की स्थापना की। इस प्रकार मौर्य साम्राज्य का अंत हो गया।
Q38. 'मेगस्थनीज' द्वारा लिखित पुस्तक का नाम क्या है?
A) इण्डिका
B) अर्थशास्त्र
C) राजतरंगिणी
D) नीति शास्त्र
व्याख्या: मेगस्थनीज एक यूनानी राजदूत था जिसे सेल्यूकस ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था। उसने भारत के बारे में 'इण्डिका' नामक पुस्तक लिखी, जिसमें तत्कालीन भारतीय समाज, प्रशासन और संस्कृति का वर्णन है।
Q39. मौर्य शासन में कर संग्रहण का प्रमुख अधिकारी कौन था?
A) महामात्र
B) अमात्य
C) सेनापति
D) समाहर्ता
व्याख्या: मौर्य प्रशासन में "समाहर्ता" करों के संग्रहण और वित्तीय प्रबंधन का प्रमुख अधिकारी था। इसका उल्लेख कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में मिलता है। समाहर्ता राजस्व की गणना, संग्रहण और व्यय पर नजर रखता था।
Q40. मौर्य प्रशासन की विशेषता क्या थी?
A) पंचायत आधारित शासन
B) लोकतांत्रिक प्रशासन
C) केंद्रीकृत प्रशासन
D) जनजातीय शासन
व्याख्या: मौर्य साम्राज्य का प्रशासन पूर्णतः केंद्रीकृत था। सम्राट ही सर्वोच्च शक्ति का धारक था और सभी नीतियाँ एवं आदेश वहीं से निर्गत होते थे। प्रशासनिक पदाधिकारी सम्राट के नियंत्रण में कार्य करते थे।
Q41. अशोक ने किस युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपनाया?
A) मगध युद्ध
B) उज्जयिनी युद्ध
C) कलिंग युद्ध
D) तक्षशिला विद्रोह
व्याख्या: अशोक ने 261 ई.पू. में कलिंग युद्ध लड़ा था। यह युद्ध अत्यंत विनाशकारी था और इसके परिणामस्वरूप लाखों लोग मारे गए थे। युद्ध के बाद विनाश और पीड़ा को देखकर अशोक को गहन पश्चाताप हुआ, जिससे प्रभावित होकर उसने हिंसा त्याग दी और बौद्ध धर्म को अपनाया। इसी घटना ने अशोक के शासन की नीति को बदल कर ‘धम्म नीति’ की ओर मोड़ दिया।
Q42. अशोक ने अपने शिलालेखों में 'धम्म' का क्या अर्थ बताया है?
A) नैतिक और धार्मिक आचरण
B) वैदिक अनुष्ठान
C) बौद्ध भिक्षु का जीवन
D) युद्ध नीति
व्याख्या: अशोक के धम्म का उद्देश्य धार्मिक सहिष्णुता, सत्यवादिता, माता-पिता का सम्मान, प्राणियों के प्रति करुणा, और सभी धर्मों के प्रति आदरभाव को प्रोत्साहित करना था। यह किसी विशेष धर्म का प्रचार नहीं था बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना का एक प्रयास था।
Q43. अशोक के किस शिलालेख में कलिंग युद्ध का उल्लेख मिलता है?
A) दिल्ली टॉपरा शिलालेख
B) शिलालेख संख्या 13 (13वें शिलालेख)
C) सारनाथ शिलालेख
D) खारवेल शिलालेख
व्याख्या: अशोक के 13वें शिलालेख में कलिंग युद्ध की विभीषिका और उसके प्रभाव का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस शिलालेख में अशोक ने युद्ध की पीड़ा को स्वीकार किया है और यह भी कहा है कि इसके बाद उन्होंने युद्ध नीति छोड़कर धम्म का मार्ग अपनाया।
Q44. मौर्य साम्राज्य में सबसे अधिक शिलालेख किस शासक ने जारी किए थे?
A) चंद्रगुप्त मौर्य
B) बिन्दुसार
C) दसमुख
D) अशोक
व्याख्या: अशोक ने अपने शासनकाल में सर्वाधिक शिलालेख और अभिलेख जारी किए। इनमें लघु शिलालेख, स्तंभ लेख, गुफा लेख आदि शामिल हैं। ये लेख विभिन्न भाषाओं और लिपियों (प्राकृत, ब्राह्मी, खरोष्ठी) में लिखे गए थे और इनका उद्देश्य ‘धम्म’ का प्रचार करना था।
Q45. अशोक द्वारा स्थापित धम्ममहामात्य किस कार्य के लिए नियुक्त किए गए थे?
A) कर वसूली के लिए
B) धम्म के प्रचार और सामाजिक कल्याण हेतु
C) युद्ध संचालन के लिए
D) सैन्य बल की निगरानी के लिए
व्याख्या: अशोक ने धम्म के प्रचार हेतु 'धम्ममहामात्य' नामक एक विशेष अधिकारी वर्ग की नियुक्ति की थी। इनका कार्य समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना, सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता बढ़ाना और जनकल्याण की योजनाओं को लागू करना था।
Q46. अशोक के किस स्तंभ लेख में सामाजिक सौहार्द और सहिष्णुता की बात की गई है?
A) लुम्बिनी स्तंभ लेख
B) कर्नाटक शिलालेख
C) सप्तम स्तंभ लेख
D) प्रयाग स्तंभ लेख
व्याख्या: सप्तम स्तंभ लेख में अशोक ने सभी धर्मों के प्रति आदर, सहिष्णुता और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि सभी संप्रदायों को समझना और उनका सम्मान करना चाहिए। यह उनके 'धम्म' के मूल सिद्धांतों में से एक था।
Q47. अशोक का शासनकाल लगभग किस अवधि में था?
A) 321–297 ई.पू.
B) 298–273 ई.पू.
C) 273–232 ई.पू.
D) 250–200 ई.पू.
व्याख्या: अशोक का शासनकाल 273 ई.पू. से 232 ई.पू. तक रहा। इस काल में मौर्य साम्राज्य अपनी चरम सीमा पर था और अशोक ने अधिकांश भारतवर्ष पर शासन किया। उनके शासन का मुख्य उद्देश्य ‘धम्म’ का प्रचार और जनकल्याण था।
Q48. अशोक ने लुम्बिनी को किस रूप में घोषित किया था?
A) युद्ध का क्षेत्र
B) कर मुक्त क्षेत्र
C) धार्मिक केंद्र
D) प्रशासनिक राजधानी
व्याख्या: अशोक ने लुम्बिनी, जो कि भगवान बुद्ध का जन्मस्थान है, को कर-मुक्त क्षेत्र घोषित किया था। लुम्बिनी स्तंभ लेख में इसका वर्णन मिलता है। उन्होंने वहां जाकर पूजा की और इसे संरक्षण प्रदान किया।
Q49. अशोक की मृत्यु के बाद मौर्य साम्राज्य का क्या हुआ?
A) साम्राज्य और भी विस्तृत हुआ
B) स्थिरता बनी रही
C) मौर्य साम्राज्य का पतन शुरू हो गया
D) यूनानी आक्रमण समाप्त हो गया
व्याख्या: अशोक की मृत्यु (232 ई.पू.) के बाद मौर्य साम्राज्य कमजोर होने लगा। उनके उत्तराधिकारी उतने सक्षम नहीं थे और साम्राज्य धीरे-धीरे छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित होने लगा। 185 ई.पू. में अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या कर पुष्यमित्र शुंग ने शुंग वंश की स्थापना की।
Q50. अशोक की धार्मिक नीति का प्रमुख प्रभाव क्या था?
A) सैन्य विस्तार
B) सामाजिक सुधार और धार्मिक सहिष्णुता
C) व्यापार में गिरावट
D) वैदिक यज्ञों का प्रसार
व्याख्या: अशोक की धार्मिक नीति का मुख्य उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना करना था। इसके अंतर्गत उन्होंने करुणा, सत्य, अहिंसा, और सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता का प्रचार किया। यह नीति भारतीय समाज में लंबे समय तक प्रभावी रही और बौद्ध धर्म के प्रसार में सहायक बनी।
Q51. मौर्यकाल में 'धम्म महामात्र' की नियुक्ति किसने की थी?
A) चंद्रगुप्त मौर्य
B) अशोक
C) बिंदुसार
D) खारवेल
व्याख्या: अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद ‘धम्म’ की नीति को प्रचारित करने हेतु ‘धम्म महामात्र’ नामक अधिकारियों की नियुक्ति की थी। इनका कार्य था समाज में नैतिकता, धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना। ये विशेष रूप से वृद्ध, महिलाओं और बच्चों की देखभाल भी करते थे।
Q52. चाणक्य द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' का मुख्य विषय क्या है?
A) धर्म
B) साहित्य
C) राज्यcraft और अर्थनीति
D) चिकित्सा विज्ञान
व्याख्या: ‘अर्थशास्त्र’ चाणक्य द्वारा रचित एक ग्रंथ है, जिसमें शासन व्यवस्था, कर प्रणाली, विदेश नीति, युद्ध नीति, गुप्तचर तंत्र, अर्थव्यवस्था आदि का विस्तृत वर्णन मिलता है। यह मौर्य शासन के प्रशासनिक ढांचे को समझने का प्रमुख स्रोत है।
Q53. मौर्य साम्राज्य में सिचाई व्यवस्था के प्रमुख अधिकारी को क्या कहा जाता था?
A) सिँधपतिक
B) महामात्य
C) दण्डपाल
D) ग्रामिक
व्याख्या: सिंधपतिक का दायित्व था जल संसाधनों का निर्माण, रखरखाव और सिचाई हेतु जल का वितरण। अर्थशास्त्र में सिंचाई कार्यों की निगरानी के लिए इनका उल्लेख है। यह दर्शाता है कि मौर्य प्रशासन कृषि उत्पादन को बढ़ाने हेतु योजनाबद्ध ढंग से काम करता था।
Q54. अशोक के अभिलेखों में किस लिपि का प्रयोग भारत के पश्चिमी भागों में हुआ?
A) ब्राह्मी
B) देवनागरी
C) खरोष्ठी
D) पालि
व्याख्या: अशोक ने अपने शिलालेखों के लिए भारत के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में स्थानीय लिपियों का प्रयोग किया। उत्तर-पश्चिम भारत, विशेषकर गांधार क्षेत्र में खरोष्ठी लिपि प्रचलित थी, जो दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी। शेष भारत में मुख्यतः ब्राह्मी लिपि का प्रयोग हुआ।
Q55. मौर्य साम्राज्य की राजधानी कहाँ स्थित थी?
A) उज्जैन
B) पाटलिपुत्र
C) तक्षशिला
D) कौशांबी
व्याख्या: मौर्य साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) थी। यह गंगा और सोन नदियों के संगम पर स्थित था, जो व्यापार और प्रशासन के लिए अत्यंत अनुकूल स्थान था। मेगस्थनीज ने भी इस नगर की सुंदरता और योजनाबद्ध निर्माण की प्रशंसा की है।
Q56. मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक 'इंडिका' में किस भारतीय शासक के दरबार का वर्णन किया है?
A) चंद्रगुप्त मौर्य
B) बिंदुसार
C) अशोक
D) समुद्रगुप्त
व्याख्या: यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में समय बिताया और अपनी पुस्तक ‘इंडिका’ में उस समय की सामाजिक, प्रशासनिक और आर्थिक स्थिति का वर्णन किया। यह ग्रंथ भारत के प्राचीन इतिहास का एक महत्त्वपूर्ण विदेशी स्रोत है।
Q57. किस मौर्य सम्राट को यूनानी स्रोतों में 'अमित्रघात' कहा गया है?
A) बिंदुसार
B) अशोक
C) चंद्रगुप्त मौर्य
D) दशरथ
व्याख्या: यूनानी इतिहासकारों ने चंद्रगुप्त मौर्य को ‘सैंड्रोकॉटस’ कहा और ‘अमित्रघात’ (शत्रुओं का नाश करने वाला) की उपाधि दी। उन्होंने नंद वंश का अंत कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी और सिकंदर के उत्तराधिकारियों को पराजित कर पश्चिमोत्तर भारत को स्वतंत्र कराया।
Q58. कलिंग युद्ध का वर्णन किस शिलालेख में विस्तृत रूप से मिलता है?
A) सांची स्तंभ
B) बघेलखंड लेख
C) धौली और जौगड़ लेख
D) प्रयाग प्रशस्ति
व्याख्या: अशोक ने धौली और जौगड़ के शिलालेखों में कलिंग युद्ध की विभीषिका का वर्णन किया है। इस युद्ध में 1 लाख से अधिक लोग मारे गए थे, जिससे व्यथित होकर अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया और अहिंसा के मार्ग पर चलने का निर्णय लिया।
Q59. अशोक के शिलालेखों में प्रयुक्त 'धम्म' शब्द का अर्थ क्या है?
A) बौद्ध धर्म
B) नैतिक आचरण और सामाजिक सदाचार
C) हिन्दू धर्म
D) जैन धर्म
व्याख्या: अशोक के ‘धम्म’ का अर्थ किसी एक धर्म विशेष से नहीं था। यह एक नैतिक आचरण प्रणाली थी, जिसमें सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, संयम, और सामाजिक सौहार्द की भावना प्रमुख थी। इसका उद्देश्य सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता और जनकल्याण था।
Q60. किस मौर्य सम्राट के शासनकाल में बौद्ध धर्म का प्रचार श्रीलंका तक पहुँचा?
A) चंद्रगुप्त मौर्य
B) अशोक
C) बिंदुसार
D) दशरथ
व्याख्या: अशोक ने अपने पुत्र महेन्द्र और पुत्री संघमित्रा को बौद्ध धर्म के प्रचार हेतु श्रीलंका भेजा था। वहाँ के राजा तिस्स ने बौद्ध धर्म को अपनाया। इससे यह सिद्ध होता है कि अशोक केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी धर्म प्रचारक सम्राट था।
Q61. अशोक द्वारा कलिंग युद्ध के बाद अपनाया गया धर्म कौन-सा था?
A) जैन धर्म
B) बौद्ध धर्म
C) वैदिक धर्म
D) सिख धर्म
व्याख्या: अशोक ने कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) के बाद हिंसा से व्यथित होकर बौद्ध धर्म को अपनाया। उन्होंने अहिंसा, करुणा, और धर्म प्रचार को राज्यनीति का हिस्सा बना लिया। उनके इस परिवर्तन का प्रभाव न केवल भारत में बल्कि श्रीलंका और अन्य एशियाई देशों में भी पड़ा।
Q62. मौर्यकालीन प्रशासन में 'धम्ममहामात्र' किसे कहा जाता था?
A) कर वसूलने वाले अधिकारी
B) युद्ध मंत्री
C) धर्म प्रचार के अधिकारी
D) राजशाही के सलाहकार
व्याख्या: 'धम्ममहामात्र' अशोक द्वारा नियुक्त अधिकारी थे जिनका कार्य धर्म (धम्म) का प्रचार करना, नैतिक मूल्यों की देखरेख करना तथा जनकल्याण सुनिश्चित करना था। ये अधिकारी अशोक की नीति 'धम्म' के प्रचार में केंद्रीय भूमिका निभाते थे।
Q63. अशोक के किस शिलालेख में कलिंग युद्ध और उसके पश्चात अशोक के पश्चाताप का वर्णन मिलता है?
A) रुम्मिनदेई अभिलेख
B) 13वाँ शिलालेख
C) बाराबर गुफा
D) मास्की अभिलेख
व्याख्या: अशोक के 13वें शिलालेख में कलिंग युद्ध के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है। इसमें बताया गया है कि युद्ध की विभीषिका से अशोक अत्यंत दुखी हुआ और उसने बौद्ध धर्म अपनाकर अहिंसा और धर्म प्रचार को प्राथमिकता दी।
Q64. अशोक द्वारा किस स्थान पर बनवाए गए स्तंभ पर उनका सबसे बड़ा शिलालेख पाया गया है?
A) सांची
B) प्रयाग
C) सारनाथ
D) कंधार
व्याख्या: प्रयाग (वर्तमान इलाहाबाद) के अशोक स्तंभ पर उसका सबसे बड़ा शिलालेख अंकित है, जिसमें कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएँ, आदेश और धर्म सम्बन्धी शिक्षाएं निहित हैं। इस शिलालेख से मौर्य प्रशासन और अशोक की नीतियों की विस्तृत जानकारी मिलती है।
Q65. अशोक के शिलालेखों की भाषा मुख्यतः क्या थी?
A) संस्कृत
B) प्राकृत
C) पालि
D) ब्राह्मी
व्याख्या: अशोक के अधिकांश शिलालेख प्राकृत भाषा में ब्राह्मी लिपि में लिखे गए हैं। यह आम जनता की भाषा थी, जिससे कि अशोक की शिक्षाएं जनता तक पहुँच सकें। कुछ शिलालेख ग्रीक और अरामाईक में भी हैं जो उत्तर-पश्चिमी सीमांत क्षेत्रों में पाए गए हैं।
Q66. मौर्य साम्राज्य के अंत का प्रमुख कारण क्या था?
A) उत्तराधिकारियों की अक्षमता
B) जलवायु परिवर्तन
C) बौद्ध धर्म का विरोध
D) शक आक्रमण
व्याख्या: चंद्रगुप्त और अशोक जैसे महान शासकों के बाद आने वाले उत्तराधिकारी कमजोर और अयोग्य थे। इस कारण प्रशासनिक कमजोरी, भ्रष्टाचार और केंद्रीय सत्ता की कमजोरी ने साम्राज्य को कमजोर कर दिया, जिससे मौर्य साम्राज्य का अंत हुआ।
Q67. चंद्रगुप्त मौर्य की मृत्यु कहाँ मानी जाती है?
A) तक्षशिला
B) पाटलिपुत्र
C) उज्जैन
D) श्रवणबेलगोला
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने अंतिम जीवनकाल में जैन धर्म को अपनाकर श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) में संन्यास ले लिया था और वहीं उपवास द्वारा मृत्यु को प्राप्त हुए। यह स्थान जैन धर्म का एक प्रमुख तीर्थ भी बन गया।
Q68. मौर्यकाल में 'साहुकारी' व्यवस्था का क्या स्वरूप था?
A) ऋण एवं व्यापारिक पूंजी की व्यवस्था
B) कृषि कर की वसूली
C) सैनिकों को वेतन देना
D) राजकीय सम्पत्ति की सुरक्षा
व्याख्या: मौर्यकाल में साहूकार व्यापारियों और किसानों को ऋण दिया करते थे। साहूकारी व्यवस्था व्यापारिक पूंजी और आर्थिक लेन-देन का एक संगठित रूप थी जो तत्कालीन अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती थी।
Q69. किस यूनानी राजदूत ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार का वर्णन किया?
A) हेरोडोटस
B) प्लेटो
C) मेगस्थनीज
D) अरस्तू
व्याख्या: मेगस्थनीज यूनानी राजा सेल्यूकस का राजदूत था, जिसे चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा गया था। उसने ‘इंडिका’ नामक ग्रंथ में मौर्यकालीन समाज, शासन, प्रशासन, सैन्य व्यवस्था आदि का विस्तृत वर्णन किया है।
Q70. मौर्य शासन में 'तोल-माप विभाग' का कार्य क्या था?
A) कर वसूली
B) मुद्रा निर्माण
C) मानक तोल-माप सुनिश्चित करना
D) सैनिकों की गिनती करना
व्याख्या: मौर्य शासन में तोल-माप विभाग (Weights and Measures Department) व्यापारिक ईमानदारी और मानकीकरण सुनिश्चित करता था। इससे आर्थिक व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित रहती थी।
Q71. अशोक ने किस युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपना लिया था?
A) तक्षशिला युद्ध
B) पाटलिपुत्र युद्ध
C) कलिंग युद्ध
D) मगध युद्ध
व्याख्या: अशोक ने कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) के बाद बौद्ध धर्म अपनाया। इस युद्ध में हुए भारी नरसंहार ने अशोक को आत्मग्लानि में डाल दिया और उन्होंने हिंसा त्यागकर धम्म (बौद्ध धर्म) को अपना लिया।
Q72. चंद्रगुप्त मौर्य ने किस दार्शनिक से प्रेरणा लेकर जैन धर्म स्वीकार किया था?
A) भद्रबाहु
B) उपगुप्त
C) नागसेन
D) वैशाली
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने भद्रबाहु नामक जैन मुनि के प्रभाव में आकर जैन धर्म स्वीकार किया और जीवन के अंतिम समय में कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में सल्लेखना व्रत लेकर मृत्यु को प्राप्त हुए।
Q73. मौर्यकालीन शासन में कौन सी इकाई 'ग्राम' का संचालन करती थी?
A) मंत्री परिषद
B) ग्रामिक
C) महानायक
D) अमात्य
व्याख्या: मौर्य शासन व्यवस्था में 'ग्रामिक' ग्रामों का प्रमुख अधिकारी होता था। वह प्रशासन, कर संग्रह और कानून व्यवस्था जैसे कार्यों के लिए उत्तरदायी होता था।
Q74. मौर्य साम्राज्य का सबसे बड़ा और प्रभावशाली शासक कौन माना जाता है?
A) बिंदुसार
B) दशरथ
C) अशोक
D) चंद्रगुप्त मौर्य
व्याख्या: मौर्य साम्राज्य के सबसे प्रभावशाली सम्राट अशोक थे। उन्होंने धर्म विजय, बौद्ध धर्म के प्रचार, स्तंभ एवं शिलालेखों के माध्यम से शासन और नैतिक मूल्यों का प्रचार किया।
Q75. अशोक के अभिलेखों में ‘धम्म’ शब्द का क्या अर्थ है?
A) यज्ञ
B) नैतिक आचरण
C) राजनीतिक नीति
D) धार्मिक कर्मकांड
व्याख्या: अशोक के धम्म का तात्पर्य धार्मिक कट्टरता से नहीं, बल्कि नैतिकता, सहिष्णुता, अहिंसा और सेवा जैसे मानवीय मूल्यों से है।
Q76. मौर्यकाल में विदेशी राजदूत मेगस्थनीज किसके दरबार में आया था?
A) अशोक
B) चंद्रगुप्त मौर्य
C) बिंदुसार
D) दशरथ
व्याख्या: यूनानी राजदूत मेगस्थनीज सेल्यूकस के प्रतिनिधि के रूप में चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था। उसकी रचना ‘इंडिका’ मौर्यकालीन समाज और शासन की जानकारी देती है।
Q77. किस मौर्य शासक को 'अमित्रघात' उपाधि दी गई थी?
A) चंद्रगुप्त मौर्य
B) बिंदुसार
C) अशोक
D) दशरथ
व्याख्या: 'अमित्रघात' का अर्थ होता है – शत्रुओं का विनाश करने वाला। यह उपाधि चंद्रगुप्त मौर्य को दी गई थी क्योंकि उन्होंने कई विदेशी आक्रमणों का सामना कर भारत में एक सशक्त साम्राज्य की स्थापना की।
Q78. मौर्यकाल में राज्य के प्रशासनिक प्रमुख को क्या कहा जाता था?
A) सामंत
B) राजा
C) महामात्य
D) न्यायिक अधिकारी
व्याख्या: मौर्यकाल में ‘महामात्य’ प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होते थे, जिनकी जिम्मेदारी राजा के आदेशों को लागू करना और प्रशासनिक व्यवस्था को संभालना होता था।
Q79. मौर्यकाल की मुद्रा किस धातु से बनी होती थी?
A) कांस्य
B) सीसा
C) चांदी
D) लोहा
व्याख्या: मौर्यकाल में प्रचलित मुद्रा मुख्यतः चांदी की बनी होती थी। इसे ‘पंचमार्क मुद्रा’ कहते हैं, जिसमें पांच विभिन्न चिह्न अंकित होते थे।
Q80. अशोक के शिलालेखों में किस भाषा और लिपि का प्रयोग किया गया?
A) प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि
B) संस्कृत भाषा और खरोष्ठी लिपि
C) पालि भाषा और देवनागरी लिपि
D) फारसी भाषा और यूनानी लिपि
व्याख्या: अशोक के अधिकतर शिलालेख प्राकृत भाषा में ब्राह्मी लिपि में लिखे गए हैं। उत्तर-पश्चिम भारत में कुछ शिलालेख खरोष्ठी और यूनानी लिपि में भी हैं।
Q81. मौर्य साम्राज्य में ‘धम्म महामात्र’ की नियुक्ति किस उद्देश्य से की गई थी?
A) व्यापार को बढ़ावा देने के लिए
B) कर संग्रहण के लिए
C) सैनिक भर्ती के लिए
D) नैतिकता और धर्म के प्रचार हेतु
व्याख्या: अशोक ने धम्म (नैतिक धर्म) के प्रचार के लिए ‘धम्म महामात्र’ नामक अधिकारियों की नियुक्ति की थी। इनका कार्य समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना, विभिन्न मतों के बीच सामंजस्य स्थापित करना और जनहितकारी कार्यों को सुनिश्चित करना था। यह मौर्य प्रशासन की एक सामाजिक सुधार नीति थी।
Q82. चंद्रगुप्त मौर्य ने किस यूनानी शासक से संधि की थी?
A) सिकंदर
B) सेल्यूकस निकेटर
C) टॉलेमी
D) एंटिओकस
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर से संधि की थी, जिसमें सेल्यूकस ने भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के कुछ हिस्से चंद्रगुप्त को सौंप दिए और बदले में 500 हाथी लिए। यह संधि 305 ई.पू. के आसपास हुई थी और इसके तहत मैत्री संबंध भी स्थापित हुए थे।
Q83. मौर्यकाल में किस विदेशी यात्री ने भारत की यात्रा की थी?
A) इब्न बतूता
B) फाह्यान
C) मेगस्थनीज
D) ह्वेनसांग
व्याख्या: मेगस्थनीज सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था जिसे चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा गया था। उसने 'इंडिका' नामक ग्रंथ लिखा, जिसमें उस समय की भारतीय सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था का विस्तृत वर्णन है। यह मौर्यकाल का महत्वपूर्ण विदेशी विवरण है।
Q84. अशोक के अभिलेख किस लिपि में लिखे गए हैं?
A) ब्राह्मी और देवनागरी
B) ब्राह्मी और खरोष्ठी
C) पालि और प्राकृत
D) संस्कृत और तमिल
व्याख्या: अशोक के अभिलेख मुख्यतः ब्राह्मी लिपि (भारत के दक्षिण और मध्य भागों में) और खरोष्ठी लिपि (उत्तर-पश्चिम भारत में) में लिखे गए थे। इनमें प्राकृत भाषा का प्रयोग हुआ। ये शिलालेख और स्तंभ लेख अशोक के धम्म और शासन नीति को दर्शाते हैं।
Q85. चंद्रगुप्त मौर्य की सहायता किसने की थी मौर्य साम्राज्य की स्थापना में?
A) चाणक्य
B) भास्कराचार्य
C) वात्स्यायन
D) तक्षण
व्याख्या: चाणक्य (कौटिल्य) ने चंद्रगुप्त मौर्य को प्रशिक्षित किया और उसे नंद वंश को पराजित करने में सहायता की। चाणक्य ही 'अर्थशास्त्र' के लेखक थे जो मौर्यकालीन राजनीति, अर्थव्यवस्था और कूटनीति का महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
Q86. मौर्यकाल में 'सामंत' शब्द का क्या अर्थ था?
A) ग्राम प्रमुख
B) सेनापति
C) अधीनस्थ राजा
D) पुजारी
व्याख्या: मौर्यकाल में ‘सामंत’ का आशय उन अधीनस्थ राजाओं से था जो मुख्य सम्राट के अधीन रहते हुए अपने क्षेत्रों का शासन करते थे। ये राजा साम्राज्य को कर देते थे और आवश्यकता पड़ने पर सैनिक सहायता भी प्रदान करते थे।
Q87. अशोक ने धर्म प्रचार के लिए अपने पुत्र महेन्द्र को कहाँ भेजा था?
A) चीन
B) थाईलैंड
C) श्रीलंका
D) अफगानिस्तान
व्याख्या: अशोक ने अपने पुत्र महेन्द्र और पुत्री संघमित्रा को बौद्ध धर्म के प्रचार हेतु श्रीलंका भेजा था। वहाँ के राजा तिस्स ने बौद्ध धर्म को स्वीकार किया। इससे अशोक का बौद्ध धर्म वैश्विक स्तर पर फैल गया।
Q88. 'अर्थशास्त्र' किसने लिखा?
A) विष्णुगुप्त
B) कौटिल्य
C) बृहस्पति
D) पतंजलि
व्याख्या: 'अर्थशास्त्र' ग्रंथ कौटिल्य (चाणक्य/विष्णुगुप्त) द्वारा रचित है। यह राजनीति, शासन प्रणाली, कर प्रणाली, सेना, कूटनीति, आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों का विस्तृत विवरण देता है। यह मौर्यकाल का प्रशासनिक दर्पण है।
Q89. मौर्यकाल में कर व्यवस्था की देखरेख कौन करता था?
A) सामंत
B) प्रधान
C) संनिधातृ
D) महापात्र
व्याख्या: मौर्य प्रशासन में ‘संनिधातृ’ कर संग्रह, खजाने की देखरेख और वित्तीय लेखाजोखा तैयार करने वाला अधिकारी होता था। यह कर प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करता था।
Q90. किस मौर्य सम्राट के काल में मौर्य साम्राज्य का पतन प्रारंभ हुआ?
A) बृहद्रथ
B) दशरथ
C) सम्राट बिंदुसार
D) अशोक
व्याख्या: बृहद्रथ मौर्य अंतिम मौर्य सम्राट था जिसे उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने मारकर मौर्य वंश का अंत किया। अशोक की मृत्यु के बाद साम्राज्य कमजोर हुआ और अंततः पतन की ओर गया।
Q91. अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद किस धर्म को अपनाया था?
A) जैन धर्म
B) सनातन धर्म
C) बौद्ध धर्म
D) चार्वाक दर्शन
व्याख्या: कलिंग युद्ध की भयावहता और उसमें हुई जान-माल की हानि ने सम्राट अशोक को गहरे रूप से प्रभावित किया। इसके बाद उन्होंने हिंसा का परित्याग कर बौद्ध धर्म को अपनाया और 'धम्म नीति' का प्रचार किया, जो करुणा, सहिष्णुता और नैतिकता पर आधारित थी।
Q92. मौर्य साम्राज्य की राजधानी कहां थी?
A) पाटलिपुत्र
B) उज्जैन
C) तक्षशिला
D) कौशांबी
व्याख्या: पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) मौर्य साम्राज्य की राजधानी थी। यह राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र था। मेगस्थनीज़ ने भी पाटलिपुत्र की भव्यता और सुव्यवस्थित नगरीकरण का वर्णन किया है।
Q93. मौर्य प्रशासन में ‘अमात्य’ कौन होते थे?
A) सैनिक अधिकारी
B) राजस्व व प्रशासनिक अधिकारी
C) धर्म प्रचारक
D) गुप्तचर
व्याख्या: 'अमात्य' मौर्य प्रशासन में उच्च स्तरीय अधिकारी होते थे जो राजा की सहायता राजस्व, प्रशासन, न्याय आदि कार्यों में करते थे। चाणक्य के अर्थशास्त्र में अमात्यों का विशेष उल्लेख मिलता है।
Q94. अशोक के स्तंभों और शिलालेखों में कौन-सी लिपि का प्रयोग किया गया?
A) देवनागरी
B) पालि
C) संस्कृत
D) ब्राह्मी
व्याख्या: अशोक के अधिकतर शिलालेख ब्राह्मी लिपि में लिखे गए हैं, जो उस समय की प्रमुख लिपि थी। उत्तर-पश्चिमी भारत में खरोष्ठी लिपि का प्रयोग भी कुछ शिलालेखों में मिलता है। यह लिपियाँ उस काल के समाज, धर्म और प्रशासन की जानकारी देती हैं।
Q95. चंद्रगुप्त मौर्य के सलाहकार कौन थे?
A) कालिदास
B) चाणक्य
C) विष्णुगुप्त
D) भास
व्याख्या: चाणक्य जिन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त भी कहा जाता है, चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधान मंत्री और गुरु थे। उन्होंने मौर्य साम्राज्य की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 'अर्थशास्त्र' जैसे महान ग्रंथ की रचना की।
Q96. अशोक का 'धम्म' किस पर आधारित था?
A) वेदों पर
B) बौद्ध धर्म के मूल सिद्धांतों पर
C) नैतिक आचरण और सामाजिक सौहार्द पर
D) जैन उपदेशों पर
व्याख्या: अशोक का 'धम्म' बौद्ध धर्म से प्रभावित नैतिक शिक्षाओं का मिश्रण था, जो हिंसा रहित जीवन, माता-पिता की सेवा, धार्मिक सहिष्णुता, और प्रजा के कल्याण को प्राथमिकता देता था। यह एक सार्वभौमिक नैतिक आचार संहिता थी।
Q97. चंद्रगुप्त मौर्य ने किस यूनानी शासक को हराया था?
A) सिकंदर
B) टॉलेमी
C) हेरोडोटस
D) सेल्यूकस निकेटर
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस निकेटर को पराजित कर उससे काबुल, कंधार, बलूचिस्तान और हेरात जैसे क्षेत्र प्राप्त किए। इस युद्ध के बाद दोनों के बीच संधि भी हुई और चंद्रगुप्त ने सेल्यूकस को एक यूनानी राजदूत 'मेगस्थनीज़' भेजने की अनुमति दी।
Q98. मौर्यकालीन मुख्य राजस्व स्रोत क्या था?
A) व्यापार कर
B) नमक कर
C) भूमि कर
D) पशु कर
व्याख्या: मौर्य शासन का प्रमुख राजस्व स्रोत कृषि भूमि पर लगने वाला कर था। कृषकों से उपज का लगभग 1/4 भाग कर के रूप में लिया जाता था, जिसे 'भाग' कहा जाता था। इस कर से राज्य की आय होती थी जिससे प्रशासन, सेना और लोक कल्याण कार्य चलते थे।
Q99. मौर्यकालीन व्यापार में सबसे अधिक प्रयोग की जाने वाली मुद्रा कौन-सी थी?
A) कौड़ी
B) पञ्चमार्कित सिक्के
C) स्वर्ण मुद्रा
D) विदेशी सिक्के
व्याख्या: मौर्यकाल में पंचमार्कित (पंचचिह्नित) चाँदी के सिक्कों का सबसे अधिक प्रयोग होता था। ये सिक्के व्यापार में विनिमय के माध्यम थे और उस काल की आर्थिक समृद्धि और विनिमय प्रणाली को दर्शाते हैं।
Q100. मौर्य साम्राज्य का अंत किसके साथ हुआ?
A) समुद्रगुप्त
B) बृहद्रथ
C) पुष्यमित्र शुंग
D) कनिष्क
व्याख्या: मौर्य वंश का अंतिम शासक बृहद्रथ था, जिसे उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने एक सैन्य परेड के दौरान हत्या कर दी। इसके साथ ही मौर्य साम्राज्य का अंत हुआ और शुंग वंश की स्थापना हुई।

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